
मध्यप्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल का रास्ता अपना लिया है। प्रदेश के कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के काम बंद करने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने लगा है।
जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से वे स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। इसी वजह से मजबूर होकर उन्हें आंदोलन शुरू करना पड़ा है।
डॉक्टरों के अनुसार मौजूदा स्टाइपेंड उनकी मेहनत और बढ़ती महंगाई के हिसाब से काफी कम है। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
वहीं अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मरीजों को होने वाली परेशानी को कम किया जा सके।



